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भारत खरीदेगा 114 राफेल लड़ाकू विमान, 3.25 लाख करोड़ रुपये का रक्षा सौदा, सरकार ने लेटर ऑफ रिक्वेस्ट जारी किया

 Reported By: Manish Prasad Edited By: Subhash Kumar
 Published : Jun 01, 2026 08:58 pm IST,  Updated : Jun 01, 2026 09:36 pm IST

भारतीय वायुसेना के प्रमुख एपी सिंह 1 जून से फ्रांस की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस बीच भारत सरकार ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए लेटर ऑफ रिक्वेस्ट जारी किया है। ये सौदा 3.25 लाख करोड़ रुपये का होगा।

india to buy 114 Rafale fighter jets from France- India TV Hindi
राफेल खरीद के लिए लेटर ऑफ रिक्वेस्ट जारी। Image Source : PTI

भारत ने फ्रांस को 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये के मेगा रक्षा सौदे संबंधी ‘लेटर ऑफ रिक्वेस्ट’ (LoR) जारी किया है। समझौते के तहत 114 में से 94 राफेल विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को बड़ा बूस्ट मिलेगा। आपको बता दें कि एयरफोर्स चीफ एपी सिंह अभी फ्रांस में ही हैं। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और फ्रांस के बीच 114 अतिरिक्त राफेल लड़ाकू विमानों की संभावित मेगा डील पर तेजी से काम चल रहा है। 

3.25 लाख करोड़ रुपये का सौदा

वायुसेना प्रमुख फ्रांस मे दसॉल्ट एविएशन के प्रतिष्ठानों का दौरा करेंगे, जो राफेल लड़ाकू विमान बनाती है। साथ ही वे MBDA की सुविधाओं का भी निरीक्षण करेंगे, जिसकी मिसाइलें भारतीय वायुसेना के कई प्लेटफॉर्म पर उपयोग की जाती हैं। यह यात्रा भारत द्वारा फ्रांस को 114 राफेल विमानों की खरीद के लिए औपचारिक लेटर ऑफ रिक्वेस्ट (LoR) भेजने की प्रक्रिया के बीच हो रही है। प्रस्तावित सौदा लगभग 3.25 लाख करोड़ का माना जा रहा है। भारत की प्रमुख शर्तों में स्वदेशी हथियारों का एकीकरण, भारतीय डेटा लिंक, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (ToT) तथा बड़े पैमाने पर भारत में निर्माण शामिल है।

राफेल सौदे की प्रमुख बातें

  • कुल 114 राफेल विमान
  • 88 सिंगल-सीटर और 26 ट्विन-सीटर ट्रेनर
  • लगभग 96 विमान भारत में निर्मित हो सकते हैं, जबकि शुरुआती विमान फ्रांस से सीधे आएंगे
  • AESA रडार, बेहतर इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और लंबी दूरी की मिसाइल क्षमताएँ मिलेंगी
  • 55-60% तक स्थानीयकरण का लक्ष्य रखा गया है
  • इंजन, एयरफ्रेम और एवियोनिक्स क्षेत्र में तकनीकी सहयोग बढ़ेगा

इतिहास की सबसे बड़ी लड़ाकू विमान खरीद

यह दौरा केवल राफेल खरीद तक सीमित नहीं है। इसमें भविष्य के रक्षा सहयोग, स्वदेशी AMCA कार्यक्रम के लिए इंजन तकनीक, भारत में एयरोस्पेस निर्माण इकोसिस्टम और भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने पर भी चर्चा होने की संभावना है। आपको ये भी बता दें कि फरवरी 2026 को रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई Defence Acquisition Council (DAC) की बैठक में भारतीय वायुसेना के लिए 114 मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) यानी राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को Acceptance of Necessity (AoN) प्रदान की गई। यह भारत के इतिहास की सबसे बड़ी लड़ाकू विमान खरीद परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है।

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